Employee Rights in India  

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Employee Rights in India

अभी के समय में Job से बड़ी कोई Property नहीं हो सकती है. एक तरह से दूसरे शब्दों में कह सकते हैं कि जिसके पास Job – रोजगार है वह अभी आमिर है. Employees: किसी भी Area में, Employee सभी बुनियादी आधारभूत कार्यों के लिए जिम्मेदार होते हैं. मगर जब कर्मचारी कुशल होते हैं, Employer को अपने Business से Benefits होता है. ऐसा कम ही होता है मगर कर्मचारी के सर्वोत्तम Output को सुनिश्चित करने के लिए, Employer को उन्हें पर्याप्त रूप से प्रेरित करने और उन्हें पुरस्कृत करने की आवश्यकता होती है. हम यहां Employees के कुछ Rights और Benefits की जानकारी देने जा रहे है. जिसके तहत कानून स्वयं ऐसे कड़ी मेहनतकश Employees को Guarantee देता है. या यूं कहें कि सभी कर्मचारी को पता होना चाहिए कि Employee rights in India क्या-क्या है? यहां भारत के हर Employees को कानून द्वारा गारंटीकृत कुछ Rights और Benefits दिए गए हैं जिनके बारे में आपको अवश्य पता होना चाहिए. इसको जानने के लिए इस पोस्ट को अंत पढ़ें.

 

1. लिखित Job Agreement/Appointment Letter)

लिखित रोजगार समझौते shortcut में Job Contract हैं. जिसके तहत किसी के लिए Work शुरू करने से पहले, Employees को ऐसे Contract में प्रवेश करना सुनिश्चित करना होगा. Legal रोजगार अनुबंध आजकल Job का एक अनिवार्य Part बन गया है. यह एक तरह से Contract  Employee-Employer संबंध स्थापित करता है. सभी सेवा शर्त आपके Appointment Letter में लिखी होती है. इसमें निम्नलिखित के संबंध में नियम और शर्तें शामिल होता है –

  • वेतन
  • नौकरी पदनाम
  • काम करने का स्थान
  • कार्य – समय
  • गोपनीय जानकारी और व्यापार रहस्यों का खुलासा नहीं
  • विवाद समाधान विधियां, इत्यादि

इसके तहत Employer और Employees दोनों को Contract के नियम और शर्तों को पूरा करना होगा. Job Contract नियोक्ता और कर्मचारी दोनों के Rights के लागू करने में मदद करता हैं.

 

2. न्यूनतम मजदूरी (Minimum Wages)

Organized Area में काम करने वाले Every Employees को Minimum Wages का Rights  है. Minimum Wages कर्मचारियों को न केवल Food की गारंटी देता है बल्कि Education,  चिकित्सा आवश्यकताओं और कुछ स्तर के आराम के लिए भी Provide करता है.

 

यह Minimum Wages Act  इस गारंटी प्रदान करता है. हालांकि यह Act कुछ निर्धारित Employment के लिए निर्धारित किया गया है. इन Employer के लिए, यह Act पूरे India  में लागू होता है. इस Act के तहत Minimum Wages कुशल और अकुशल Labour दोनों पर लागू होती है. यह Minimum Wages देश भर के सभी area के लिए equal नहीं है. Central Government और State Government दोनों में निम्नलिखित कारकों के अनुसार Minimum Wages तय करने की शक्ति है.

  • काम के प्रकार
  • क़ाम के घंटे
  • क्षेत्र
  • जीवन यापन की लागत
  • भुगतान करने के लिए नियोक्ता की क्षमता

Minimum Wages का Rate राजपत्र में उपयुक्त Government द्वारा हर लागू उद्योग के लिए अधिसूचित की जाती है.

3. Work Place पर Sexual Harassment से संरक्षण 

Work Place पर यौन उत्पीड़न एक बहुत ही गंभीर मुद्दा है. Supreme Court के Order के बाद, हमें Sexual harassment of Women at Workplace(Prevention, Prohibition and Redressal) Act, 2013 मिला. यह एक आपराधिक अपराध है जो आईपीसी द्वारा जुर्माना के साथ या बिना तीन साल तक दंडनीय है. कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न में निम्नलिखित में से एक या अधिक शामिल हैं.
  • शारीरिक संपर्क और प्रगति
  • यौन पक्षों के लिए एक मांग या अनुरोध
  • यौन रंग की टिप्पणियां बनाना
  • अश्लील साहित्य दिखाना 
  • यौन प्रकृति के किसी भी अन्य अवांछित शारीरिक, मौखिक, या गैर मौखिक आचरण.
अगर किसी Female Employees के साथ Problem होती है तो उनमें से अधिकतर Work Place पर यौन उत्पीड़न की रिपोर्ट करने से डरते हैं. वे अपने Job जाने के डर से चुप रह जाती है, खासकर तब जब व्यक्ति उत्पीड़न करने वाला एक वरिष्ठ कर्मचारी या नियोक्ता होता है. मगर Female Employees को यह ध्यान में रखना चाहिए कि उनकी Security और गरिमा पहले आती है.
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